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वज्रासन करने का तरीका 

वज्रासन करने का तरीका
वज्रासन करने का तरीका


वज्र का अर्थ होता है कठोर और इस आसन के द्वारा शरीर मजबूत और एक दम स्थिर बनता है इसलिए इस आसन को वज्रासन के नाम से जाना जाता है आमतौर पर सभी आसनों के लिए नियम होते हैं लेकिन वज्रासन को करने के लिए आपको समय का कोई नियम नहीं है आप इसे कभी भी कर सकते हैं चाहे तो खाना खाने के बाद भी 


वज्रासन कब करना चाहिए?
खाना खाने के तुरंत बाद कौन सा योग करना चाहिए?
खाना खाने के बाद कौनसा योग करें?। Vajrasana kab karna chahiye 

योग का फायदा तभी मिलता है जब उसे नियम पूर्वक सावधानी से किया जाए अन्यथा ये उल्टे परिणाम भी दे सकते हैं और आपका स्वास्थ्य बिगाड़ भी सकते हैं आमतौर पर सभी योगासनों को खाली पेट किया जाना चाहिए यही नियम है लेकिन यही एक ऐसा आसन भी है जिसे आप खाना खाने के बाद या कहीं भी कभी भी कर सकते हैं और नीचे हम वज्रासन के द्वारा होने वाले लाभ और फायदो के बारे में चर्चा करेंगे

वज्रासन कैसे करते हैं बताइए
वज्रासन कैसे करते हैं बताओ
वज्रासन करने का तरीका 
वज्रासन kaise karte hai
वज्रासन vidhi in hindi



1. एक साफ़ सुथरी थोड़ी मोटी चटाई ले और उस पर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधे फैलाकर बैठ जाएं। 
2. अब दायें पैर को घुटनों से मोड़ते हुऐ, दायें कूल्हे के नीचे लाकर सटा दे। 
3. इसी तरह बांये पैर को घुटनों से मोड़ते हुऐ, बायें कूल्हे के नीचे लाकर सटा दे। 
4. इस अवस्था में आपके पैरों के पंजे अंदर की ओर मुड़े हुऐ और तलवे बाहर की और होंगे एवं आपके कूल्हे एड़ियों को स्पर्श करेंगे और पैरों के अंगुठे आपस में मिले होंगे। 
5. अब कंधे तथा कमर बिल्कुल सीधी रखे और सीना तना हुआ और दोनों हाथों को बिल्कुल सीधे घुटनों पर रख दे। 
6. अनावश्यक गतिरोध शरीर में लाने का प्रयास ना करे, शरीर में ढीलापन रहने दे। 
7. मन शांत एवं स्थिर रखे ।
8. आंखे बंद कर, धीरे-धीरे लंबी गहरी साँस ले और धीरे-धीरे ही छोड़े, सासों की गति पर संयमपूर्वक ध्यान लगाए। 
9. सास लेते समय सीना फूलना चाहिए, पेट की स्थिति सामान्य बनाए रखे। 
10. पांच से दस मिनट तक के लिए आसन को करे, अभ्यस्त होने पर समय सीमा बढ़ा सकते हैं।



वज्रासन किसे नहीं करना चाहिए  
वज्रासन कब नहीं करना चाहिए 

जैसा कि आप जानते हो वज्रासन करने से टखनों घुटनों पैरों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है इसलिए जिन्हें पैर में दर्द हो गठिया हो, पैर पर चोट लगी हो या कोई भी मांसपेशियों में खिंचाव हो  ऐसी स्थिति में उन्हें वज्रासन को करने से बचना चाहिए



Vajrasan kitni der karna chahie
वज्रासन कितनी देर करना चाहिए 
Vajrasan kitni der baithna chahie
Vajrasan kitni der karen

अगर आप वज्रासन पहली बार कर रहे हैं तो 10 से 15 सेकंड करें फिर खड़े होकर चल कर देखें कि आपके घुटनों पैरों में किसी प्रकार का दर्द या असुविधाजनक खिंचाव तो उत्पन्न नहीं हुआ 

अगर आप ठीक महसूस कर रहे हैं तो आप आरंभ में वज्रासन में बैठकर लगभग 1 मिनट तक कर सकते हैं और अगर आसन वो करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई हो तो अब रोजाना आसन का समय धीरे धीरे बढ़ाते चले जाएं

अगर आपका योग वज्रासन तक ही सीमित है तो आप इसे कम से कम 10 मिनट और ज्यादा से ज्यादा आधा घंटे तक कर सकते हैं 
और अगर आप और भी योगासन करते हैं तो ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट तक वज्रासन करना ठीक रहेगा

और अगर आप पूर्ण रूप से स्वस्थ है तो आप जितना चाहे उतनी देर वज्रासन को कर सकते हैं


वज्रासन के क्या फायदे हैं 
वज्रासन के फायदे इन हिंदी
भोजन के बाद वज्रासन के लाभ 

कब्ज से मिलेगा छुटकारा
वज्रासन रोजाना करने से पाचन तंत्र में सुधार आने लगता है और धीरे-धीरे कब्ज की समस्या की समाप्ति होती है और पेट पर उत्पन्न हुई अतिरिक्त चर्बी को भी कम करने में यह आसन मदद करता है इस तरह आप बैठे बैठे ही अपने पेट की समस्याओं से निजात पा सकते हैं और शरीर स्वस्थ स्थिर और सुदृढ़ बनता है

पेट की आंतों को मिले मजबूती
वज्रासन करने से पेट की आंतों और मसल्स को मजबूती व आराम मिलता है जिससे शरीर को भोजन पचाने में अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता नहीं पड़ती और खाना आसानी से पचने लगता है

खाने के बाद वज्रासन क्यों करना चाहिए?

जैसा कि हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं कि सभी आसनों को नियमानुसार ही करना चाहिए खाने के बाद लगभग 4 घंटे बाद ही आप कोई राशन कर सकते हैं 

लेकिन वज्रासन ही एक ऐसा आसन है जिसे आप कभी भी कहीं भी कर सकते हैं खाना खाने से पहले खाना खाते हुए खाना खाने के बाद भी कभी भी 
खाने के बाद वज्रासन करने करने से खाने को पचाने में आसानी होती है भोजन पेट की आंतों में सही रूप से बैठ जाता है और पाचन तंत्र सही रूप से काम करने लगता है

Vajrasan me baithne ke fayde 

वज्रासन का नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र में सुधार होता है कब्ज की समस्या से निजात मिलता है और पाचन शक्ति बढ़ जाती है

वज्रासन करने से जठराग्नि बढ़ती है जिससे ऊर्जा का निर्माण होता है और आप दिनभर बेहतर ढंग से काम करने लग

वज्रासन करने से शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है जिससे उनमें ब्लड सरकुलेशन सही रूप से होने लगता है

अगर आपको पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत रहती है तो वज्रासन करने से उसमें आराम मिलता है कंधे मजबूत होते हैं रीड की हड्डी में स्ट्रेचेबिलिटी आती है फिगर सही से मेंटेन होता है शरीर में मसल्स का निर्माण होने लगता है और शरीर सुडौल और सुंदर दिखने लगता है

इस आसन का यह भी एक फायदा है कि अगर आपके पास वॉक करने का समय नहीं है तो आप घर पर बैठे-बैठे ही वज्रासन में रहते हुए अपना ऑफिस वर्क कर सकते हैं इससे आपके योगाभ्यास के साथ-साथ समय की बचत होती है और आपके काम भी पूरा हो जाता है

रोजाना वज्रासन करने से पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है और आपका वजन घटकर सामान्य होने लगता है

वज्रासन में लंबी लंबी तथा गहरी सांसो को लेने से मन स्थिर और शरीर तनाव मुक्त होता है दिमाग की नसों को शांति मिलती है और काम करने में मन लगने लगता है

वज्रासन के नुकसान

वैसे तो वज्रासन करने के लिए कोई भी नुकसान आपको नहीं उठाना पड़ेगा लेकिन अगर आपके घुटनों टखनों में या पैरों में अन्य किसी प्रकार की चोट या तकलीफ है तो आप इस आसन को डॉक्टर के सलाह लेने के बाद ही करें।